नई दिल्ली — संघीय सरकार ने 30 जून 2026 तक उत्पादन‑संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के तहत कंपनियों को ₹36,754 करोड़ का भुगतान किया है, जैसा कि कई व्यापार समाचार स्रोतों द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है। यह वितरण 13 प्राथमिक क्षेत्रों को कवर करता है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, दवा, ऑटोमोटिव घटक और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण शामिल हैं, और यह 2020 में योजनाओं के आरम्भ के बाद से कुल व्यय को दर्शाता है।
धन का दायरा और आवंटन
PLI ढाँचा, घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से पेश किया गया, प्रोत्साहन को बढ़ती बिक्री और निर्यात प्रदर्शन के आधार पर आवंटित करता है। वित्तीय वर्ष के पहले आधे वर्ष के अंत तक, सरकार ने कार्यक्रमों
निर्माण और निर्यात पर प्रभाव
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि उत्पादन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजनाओं ने घरेलू उत्पादन में मापने योग्य वृद्धि में योगदान दिया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, 2026 के पहले तिमाही में PLI-आवरित क्षेत्रों में निर्माण वृद्धि पिछले वर्ष के समान अवधि में 5.9 प्रतिशत के मुकाबले साल-दर-साल 8.4 प्रतिशत तक पहुंच गई।
विदेशी व्यापार महादेशाध्यक्ष (DGFT) द्वारा जारी निर्यात आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में PLI-योग्य कंपनियों द्वारा किए गए शिपमेंट्स में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे कुल निर्यात 4.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सरकार ने इस वृद्धि का एक हिस्सा इन्सेंटिव संरचना को माना है, जो निर्यात-मुखी बिक्री के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करती है।
वित्तीय प्रभाव
36,754 करोड़ रुपये की यह राशि केंद्र सरकार की वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल पूंजीगत व्यय का 2.4 प्रतिशत है। खजाने के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि PLI कार्यक्रमों के लिए बजटीय आवंटन के अनुरूप ही भुगतान किया गया है और इस चरण में कोई अतिरिक्त वित्तपोषण आवश्यक नहीं है।
हालांकि इन योजनाओं को निवेश को तेज करने के लिए प्रशंसा मिली है, कुछ विपक्षी सदस्यों ने वित्तीय बोझ के बारे में चिंता व्यक्त की है और इन्सेंटिव मानदंडों की समीक्षा की मांग की है। वित्त मंत्रालय ने जवाब दिया है कि ये योजनाएं आवधिक मूल्यांकन के अधीन हैं और वर्तमान भुगतान सहमति-बद्ध प्रदर्शन मापदंडों को दर्शाता है।
भविष्य की दृष्टि
सरकार आगामी वित्त वर्ष में दो नई PLI योजनाओं को लागू करने की योजना बना रही है, जिसका लक्ष्य उन्नत बैटरी निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन है। अधिकारियों का अनुमान है कि विस्तारित पोर्टफोलियो भारत के औद्योगिक आधार को और विविध बनाएगा और देश के जलवायु-कार्रवाई प्रतिबद्धताओं का समर्थन करेगा।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Govt disburses ₹36,754 crore under PLI schemes till June 30
- Central govt disburses ₹36,754 crore under PLI schemes as on June 30 – Business Standard
- Govt disburses Rs 36,754 cr under PLI schemes as on June 30 – The Economic Times
- Odisha disburses second instalment under KG to PG free education scheme – India Today