नई दिल्ली — वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद ने गुरुवार को कर अधिकारियों को करदाताओं को गिरफ्तार करने की शक्ति समाप्त कर दी और आपराधिक अभियोजन आरम्भ करने के लिए न्यूनतम मूल्य सीमा ₹5 करोड़ तक बढ़ा दी, जिससे भारत के अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के प्रवर्तन ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। यह निर्णय परिषद की 61वीं बैठक में लिया गया था, जिसका उद्देश्य कर अनुपालन की विरोधी प्रकृति को कम करना और मामूली या तकनीकी गैर‑अनुपालन के मामलों में बल प्रयोग को रोकना था।
परिषद, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री नर्मला सिथारामन ने अध्यक्षता की, ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम और समेकित वस्तु एवं सेवा कर (IGST) अधिनियम में संशोधनों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। संशोधित प्रावधानों के तहत, कर भुगतान में चूक या GST कानूनों के अंतर्गत अन्य अपराधों के लिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति कर अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र से हटा दी गई है। इसके बजाय, गिरफ्तारी का अधिकार अब केवल पुलिस के पास रहेगा, जो आपराधिक अपराधों पर
गिरफ़्तारी की शक्ति को समाप्त करने और अभियोजन सीमा को बढ़ाने का निर्णय उद्योग संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों की निरंतर आलोचना के बाद आया है, जिन्होंने तर्क दिया था कि मौजूदा प्रावधानों का दुरुपयोग करके व्यवसायों से अनुचित रियायतें ली जा रही थीं। ये सुधार सरकार के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य अधिक पूर्वानुमेय और कम हस्तक्षेपपूर्ण कर वातावरण बनाना है, जो जीएसटी परिषद की पूर्ववर्ती प्रवर्तन एवं अनुपालन समितियों की सिफ़ारिशों के साथ संगत है।
दर संरचना में कोई परिवर्तन नहीं
परिषद ने मौजूदा जीएसटी दर संरचना में कोई परिवर्तन स्वीकृत नहीं किया, जिसमें वर्तमान में चार स्लैब शामिल हैं: 5 %, 12 %, 18 % और 28 %। दर समुच्चयन को स्थगित करने का निर्णय राज्य सरकारों और उद्योग हितधारकों के साथ आगे परामर्श की सुविधा के लिए लिया गया। परिषद ने उल्लेख किया कि दर संरचना में किसी भी परिवर्तन के लिए दो‑तिहाई बहुमत आवश्यक होगा और इसका राजस्व तथा महंगाई पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, जिससे व्यापक आर्थिक प्रभाव का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन आवश्यक है।
बैठक ने पुराने कर व्यवस्था से जीएसटी में परिवर्तन से संबंधित मुद्दों को भी संबोधित किया, जिसमें लंबित विवादों का निपटारा और ई‑इनवॉइसिंग तथा ई‑वे बिल प्रणालियों का कार्यान्वयन शामिल है। परिषद ने जीएसटी नेटवर्क (GSTN) को जीएसटी पोर्टल की सुरक्षा और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने तथा करदाताओं को डिजिटल अनुपालन प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन हेतु बेहतर सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
इन सुधारों को सीजीएसटी एवं आईजीएसटी अधिनियमों में संशोधनों के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिन्हें आगामी सत्र में संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि परिवर्तन उनके अधिसूचना तिथि से प्रभावी होंगे, तथा करदाताओं को नई अनुपालन आवश्यकताओं के अनुकूल होने के लिए एक संक्रमण अवधि प्रदान
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- GST Council: No more arrest powers, no rate rejig
- GST Council unveils reforms to ease refund, registration and reduce litigation – The Hindu
- GST arrest powers dropped, prosecution threshold raised in key reform – The Indian Express
- GST Council Meeting 2026: Tax officers’ arrest powers scrapped, prosecution threshold rais