वॉशिंगटन — 26 सितंबर 2026 को प्रसारित किए गए एक वीडियो फीड और कई स्वतंत्र समाचार स्रोतों के अनुसार, ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका को सात दिवसीय आतंकविराम का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिसमें परमाणु वार्ताओं को पुनः प्रारंभ करने के लिए एक रोडमैप भी शामिल है। ईरानी अधिकारियों द्वारा टेलीविज़न ब्रीफिंग के माध्यम से सार्वजनिक किए गए इस प्रस्ताव में, हर्मुज़ की खाड़ी में सभी सैन्य गतिविधियों का तत्काल बंद होना और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में परमाणु वार्ताओं के लिए एक औपचारिक ढांचे की मांग की गई है।
सात दिवसीय आतंकविराम ढांचा
ईरानी प्रस्ताव में सात दिनों तक चलने वाले अस्थायी आतंकविराम का उल्लेख किया गया है, जिसके दौरान दोनों पक्षों को हर्मुज़ की खाड़ी में किसी भी दुश्मनीपूर्ण कार्रवाई को स्थगित करने पर सहमत होना होगा। यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहां वैश्विक तेल परिवहन का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आता है। प्रस्ताव में 2018 से लागू अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग शामिल है, जिसके पुनर्स्थापना के लिए परमाणु वार्ताओं में प्रगति के आधार पर एक शर्तबद्ध समय-सीमा निर्धारित की गई है।
परमाणु वार्ताओं के लिए रोडमैप
इस रोडमैप के तहत, ईरान अपने परमाणु समृद्धि गतिविधियों को चरणबद्ध रूप से कम करने के लिए सहमत होगा, जिसकी सत्यापन प्रक्रिया IAEA द्वारा निर्धारित की जाएगी। इसके बदले में, संयुक्त राज्य अमेरिका विश्वास-निर्माण उपायों की एक श्रृंखला के लिए प्रतिबद्ध होगा, जिसमें सीमित संख्या में ईरानी युद्धबंदियों की रिहाई और क्षेत्र में मानवीय सहायता शिपमेंट्स के पुनर्आरंभ शामिल हैं। योजना में अनुपालन की निगरानी के लिए एक संयुक्त कार्यबल की भी प्रस्तावना की गई है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और यूरोपीय संघ के विशेषज्ञों के ज्ञान का उपयोग करेगा।
हर्मुज़ की खाड़ी की पृष्ठभूमि
हर्मुज़ की खाड़ी लंबे समय से अमेरिका-ईरान तनाव का एक संवेदनशील बिंदु रही है। हाल के महीनों में, अमेरिकी नौसेना ने वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं के संदर्भ में इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैन्य एकाग्रता किसी भी स्तर पर विस्तारित संघर्ष को प्रेरित कर सकती है। इसलिए, सात दिवसीय आतंकविराम को स्थिति को शांत करने और कूटनीतिक संवाद के लिए एक अवसर बनाने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
संयुक्त राज्य की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक मार्ग
संयुक्त राज्य के अधिकारियों ने अभी तक प्रस्ताव पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। व्हाइट हाउस ने यह रुख बनाए रखा है कि ईरान के साथ कोई भी संवाद बहुपक्षीय चैनलों के माध्यम से ही होना चाहिए और व्यापक सत्यापन ढाँचे के बिना एकतरफ़ा रियायतें नहीं दी जाएँगी। विदेश विभाग ने 2015 के संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और समझौते की शर्तों की “पूर्ण और त्वरित” पुनःस्थापना की माँग की है।
क्षेत्रीय प्रभाव
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य क्षेत्रीय पक्षों ने युद्धविराम प्रस्ताव को लेकर सतर्क आशावाद व्यक्त किया है, यह संकेत देते हुए कि संघर्षों का अस्थायी ठहराव आकस्मिक टकराव के जोखिम को कम कर सकता है। यह प्रस्ताव उसी समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों से वैश्विक ऊर्जा बाजारों को खतरे में डाल सकने वाली किसी भी वृद्धि को रोकने का आग्रह कर रहा है।
आगे के कदम
ईरान ने संकेत दिया है कि वह अगले 48 घंटों के भीतर तेहरान में वरिष्ठ राजनयिकों की बैठक बुलाएगा ताकि रोडमैप के विवरण पर चर्चा की जा सके। संयुक्त राज्य से अपेक्षा है कि वह वाशिंगटन तथा मध्य पूर्व में अपने कूटनीतिक दल के माध्यम से प्रतिक्रिया देगा, जिसमें अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को सम्मिलित करने वाला प्रतिप्रस्ताव भी शामिल हो सकता है।