वॉशिंगटन — संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रस्तावित होरमुज़ समझौते को अस्वीकार कर दिया, जो जहाज़रानी मार्गों को खुला रखने के लिए था, जिससे ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि केवल वार्ता से ही संघर्ष समाप्त हो सकता है। यह अस्वीकृति तब आई जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिसे संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों ने मध्यस्थता की थी।
होरमुज़ समझौते को अमेरिकी अस्वीकृति
होरमुज़ समझौता सितंबर के प्रारम्भ में संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रस्तुत किया गया था, ताकि फारस की खाड़ी में संभावित
जहाज़ी मार्गों पर प्रभाव
हर्मुज़ की तंगी वैश्विक तेल परिवहन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण गलियारा है। हर्मुज़ समझौते का हिस्सा बनते हुए, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस क्षेत्र में नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखने का वादा किया था। समझौते के पटरी से उतरने के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका ने तंगी के माध्यम से वाणिज्य के स्वतंत्र प्रवाह को सुनिश्चित करने के अपने प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए उपाय अपना सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों के बयान
व्हाइट हाउस के प्रवक्ताओं ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ काम करना जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका हर्मुज़ समझौते से बाध्य नहीं होगा और अपने सुरक्षा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयास करेगा।
ईरानी अधिकारियों के बयान
एक अलग ब्रीफिंग में, ईरानी विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि देश संवाद के लिए खुला है, लेकिन वह किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उसके संप्रभुत्व को प्रभावित करे। मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहले ही एक समझौता प्रस्तावित किया था, जिसे ईरान ने अस्वीकार कर दिया था।
विश्लेषण
संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा हर्मुज़ समझौते के अस्वीकार ने दोनों देशों के बीच गहरी अविश्वास की पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र एक समझौता-आधारित समाधान के लिए मध्यस्थता करने का प्रयास कर रहा है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि वह इस समझौते से बाध्य नहीं होगा। ईरान के विदेश मंत्री का बयान कि केवल वार्ता ही संघर्ष को समाप्त कर सकती है, यह दर्शाता है कि देश एक कूटनीतिक मार्ग को अपनाए जाने पर अडिग है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Iranian minister says only negotiation can end conflict after Trump rejects Hormuz deal
- Iranian minister says only negotiation can end conflict after Trump rejects Hormuz deal –
- Only ‘Negotiated Solution’ Can Get US Out of ‘Deadlock,’ Iranian Diplomat Says After Trump
- UN ambassador Waltz says Iran was not negotiating ‘in good faith’ to end war – theguardian