वॉशिंगटन — ईरान के विदेश मंत्री ने 27 सितंबर को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समुद्री तनाव को कम करने के लिए अमेरिका-ईरान प्रस्ताव के अस्वीकार के बाद, हर्मुज की खाड़ी में विरोध स्थिति को समाप्त करने के लिए केवल एक समझौते से निपटा जा सकता है।
पृष्ठभूमि और कूटनीतिक संदर्भ
उस प्रस्ताव की पहली रिपोर्ट बीबीसी ने उसी दिन प्रकाशित की थी, जिसमें रणनीतिक जलमार्ग के माध्यम से स्वतंत्र पारगमन की गारंटी और अमेरिकी प्रतिबंधों के हटाने के बदले में परमाणु गतिविधियों पर ईरान की सीमित छूट के लिए एक ढांचे का विवरण दिया गया था। इस योजना का प्रस्ताव सितंबर की शुरुआत में व्हाइट हाउस को अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किया गया था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के क्षेत्रीय व्यवहार से जुड़े चिंताओं का हवाला देते हुए इसे सार्वजनिक रूप से अपर्याप्त घोषित कर दिया।
ईरान के विदेश मंत्री, जो तेहरान में एक प्रेस ब्रीफिंग में बोल रहे थे, ने दोहराया कि ईरान संवाद के लिए खुला है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि किसी भी समझौते में दोनों पक्षों की मूल सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करना होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी प्रस्ताव के अस्वीकार ने हर्मुज कॉरिडोर में और घटनाओं का जोखिम बढ़ा दिया है, जो वैश्विक तेल शिपमेंट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
अमेरिकी स्थिति और ट्रंप की टिप्पणियां
गार्जियन के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत लींडा वॉल्ज़ ने कहा कि ईरान ईमानदारी से बातचीत नहीं कर रहा है और प्रशासन तब तक दबाव बनाए रखेगा जब तक तेहरान मौजूदा संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का पालन नहीं करता। एक टेलीविज़न पर दिए गए भाषण में, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव को “जवाबदेही से बचने की एक कमजोर कोशिश” बताया और चेतावनी दी कि संयुक्त राज्य अमेरिका शिपिंग हितों की रक्षा के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार करेगा।
व्हाइट हाउस ने अस्वीकार पर कोई विस्तृत विज्ञापन जारी नहीं किया है, लेकिन एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कॉमन ड्रीम्स को बताया कि यह निर्णय “ईरान की क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों के लिए एक मजबूत प्रतिक्रिया की आवश्यकता” को दर्शाता है। अधिकारी ने विचारधीन विशिष्ट नीति विकल्पों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
क्षेत्रीय प्रभाव
हर्मुज़ जलडमरूमध्य, जिसके माध्यम से विश्व के लगभग 20 प्रतिशत पेट्रोलियम का प्रवाह होता है, 2020 से ही नौसेना संघर्षों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। पिछले वर्ष में, इरानी समर्थित मिलिशिया द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर कम से कम छह रिपोर्टेड हमलों की घटनाएँ हुई हैं, जिसके कारण अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित क्षेत्रीय सहयोगी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कूटनीतिक ठहराव तेल बाजारों को बाधित कर सकता है। खाड़ी सहयोग परिषद के एक प्रवक्ता ने कहा कि परिषद समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले किसी भी बहुपक्षीय प्रयास का समर्थन करने के लिए तैयार है।
आर्थिक प्रभाव
वित्तीय विश्लेषक बताते हैं कि अस्वीकृति से तेल की कीमतें ऊँची बनी रह सकती हैं, जो सितंबर की शुरुआत से लगभग $92 प्रति बैरल पर स्थिर हैं। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि हर्मुज़ मार्ग में किसी भी वृद्धि से कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति पर असर पड़ेगा।
इराक की अर्थव्यवस्था, जो पहले से ही प्रतिबंधों से प्रभावित है, तेल निर्यात पर अत्यधिक निर्भर है। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि अमेरिकी दबाव जारी रहने पर घरेलू कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक मार्ग को सुगम बनाने का आग्रह किया।
आगे के कदम
दोनों पक्ष आगे की वार्ताओं के लिए तैयार प्रतीत होते हैं, हालांकि समयरेखा अनिश्चित बनी हुई है। इरानी विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह अगले दो हफ्तों के भीतर संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा, जबकि अमेरिकी अधिकारियों को रिपोर्ट के अनुसार वैकल्पिक कूटनीतिक चैनलों, जिनमें यूरोपीय मध्यस्थों के माध्यम से बैक‑चैनल वार्ताएँ शामिल हैं, की समीक्षा कर रहे हैं।
विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि स्पष्ट ढाँचे के बिना संकीर्ण जलमार्ग में गलत गणना का जोखिम बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपेक्षा है कि वह अगले महीने एक विशेष सत्र बुलाएगी ताकि खाड़ी में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की जा सके।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Iranian minister says only negotiation can end conflict after Trump rejects Hormuz deal
- Iranian minister says only negotiation can end conflict after Trump rejects Hormuz deal –
- Only ‘Negotiated Solution’ Can Get US Out of ‘Deadlock,’ Iranian Diplomat Says After Trump
- UN ambassador Waltz says Iran was not negotiating ‘in good faith’ to end war – The Guardia