लंदन — इज़राइल ने गुरुवार को घोषणा की कि पूर्वी यरूशलेम स्थित ब्रिटिश कंसुलेट अब कार्यरत नहीं है और इसके 20 कूटनीतिज्ञों को वापस बुलाया जाएगा। यूनाइटेड किंगडम ने कहा कि ब्रिटिश नागरिकों और अन्य हितधारकों के लिए “महत्वपूर्ण सेवाओं” को बनाए रखने के लिए एक छोटा टीम वहां रहकर कार्य करेगी।
इज़राइली घोषणा
इज़राइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कंसुलर प्रीमिस अब कूटनीतिक गतिविधियों के लिए आवश्यक मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं और यूनाइटेड किंगडम को स्टाफ को हटाने के लिए एक अंतिम तिथि दी गई थी। मंत्रालय ने यह भी जोड़ा कि यह निर्णय इज़राइल की कंसुलेट की संचालनात्मक स्थिति के मूल्यांकन को दर्शाता है।
ब्रिटिश प्रतिक्रिया
ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि एक मुख्य समूह के अधिकारी पूर्वी यरूशलेम में रहकर कंसुलर सहायता, पासपोर्ट सेवाएं और यूके-पंजीकृत व्यवसायों के लिए समर्थन प्रदान करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम इज़राइल की अनुरोध का पालन करते हुए आवश्यक कार्यों को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पृष्ठभूमि और कूटनीतिक संदर्भ
यूनाइटेड किंगडम ने 1990 के दशक से ही पूर्वी यरूशलेम में एक कूटनीतिक मिशन संचालित किया है, जिसे मूल रूप से एक कंसुलेट के रूप में स्थापित किया गया था। 2024 में, यूके ने अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपनी स्थिति को दर्शाने के लिए इस पद को “मिशन” के रूप में पुनः नामित किया, एक परिवर्तन जो इमारत पर नई साइनबोर्ड द्वारा संकेतित किया गया था। इस पुनः ब्रांडिंग का उद्देश्य यूके की स्थिति को रेखांकित करना था कि पूर्वी यरूशलेम एक कब्जे वाला क्षेत्र है और वहां उसकी उपस्थिति इज़राइली संप्रभुता के मान्यता देने का संकेत नहीं है।
इस वर्ष के शुरुआती दौर में, ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने क्षेत्र का दौरा किया और इज़राइली अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने जोर दिया कि यूनाइटेड किंगडम ब्रिटिश नागरिकों को “महत्वपूर्ण सेवाएं” प्रदान करना जारी रखेगा, भले ही कूटनीतिक स्टाफिंग स्तर समायोजित किए जा रहे हों।
कर्मचारी विवरण
इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, निकासी में 20 राजनयिक शामिल होंगे जिन्हें अन्य पदों पर पुनः नियुक्त किया जाएगा। शेष दल को केवल कुछ कौंसुलर अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों तक सीमित किया जाएगा। घटे हुए कर्मचारियों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया।
ब्रिटिश विदेश कार्यालय ने कहा कि शेष कर्मियों का ध्यान आपातकालीन सहायता, वीज़ा प्रसंस्करण और स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यूके स्थिति पर नज़र रखेगा और आवश्यकतानुसार अपनी उपस्थिति समायोजित करेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई अरब राज्यों ने संयम और संवाद की अपील करते हुए बयान जारी किए। संयुक्त राष्ट्र ने इस विशिष्ट कर्मचारी परिवर्तन पर औपचारिक टिप्पणी नहीं दी है, परंतु मानवाधिकारों के लिए उच्च आयुक्त के कार्यालय ने विवादित क्षेत्रों में राजनयिक मिशनों की स्थिति पर निगरानी जारी रखी है।
शांति प्रक्रिया पर प्रभाव
राजनयिक कर्मचारियों में कमी जेरूसलम की स्थिति पर चल रही वार्ताओं के बीच हो रही है। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम यूनाइटेड किंगडम की स्थल पर विकासों को प्रभावित करने की क्षमता पर असर डाल सकता है, परंतु आवश्यक सेवाओं के संरक्षण से ब्रिटिश नागरिकों के लिए तात्कालिक जोखिम कम हो सकते हैं।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Most UK diplomats to leave East Jerusalem consulate, Israel says, as Miliband says ‘vital
- Most UK diplomats to leave East Jerusalem consulate as Miliband says ‘mission’ to remain –
- Israel says British Consulate in east Jerusalem has ceased to function and 20 diplomats wi
- UK renames East Jerusalem consulate as a mission; some diplomats to remain – Al Jazeera