टोक्यो — जापान की एक नगर प्रशासनिक इकाई के खिलाफ जांच की जा रही है, क्योंकि रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उसने देश की लगातार जारी जनसांख्यिकीय गिरावट को छुपाने के लिए जनगणना के आंकड़ों में वृद्धि की है। यह दावा 7 अक्टूबर 2026 को बीबीसी द्वारा प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट में सामने आया था, जिसे उसी दिन यहू न्यूज़ ने भी दोहराया था।
आरोप और प्रारंभिक निष्कर्ष
रिपोर्ट्स के अनुसार, योकोहामा-शिन शहर (जो एक अनाम नगरपालिका के लिए उपयोग किया गया एक काल्पनात्मक नाम है) ने अपनी नवीनतम जनसंख्या पंजीकरण में 12 लाख निवासियों का उल्लेख किया, जो राष्ट्रीय जनगणना में जमा किए गए आंकड़े से लगभग 45,000 लोगों से अधिक है। यह असंगति अगस्त 2026 में जारी राष्ट्रीय जनगणना डेटा के साथ स्थानीय पंजियों की तुलना करने के दौरान गृह मंत्रालय और संचार मंत्रालय (MIC) द्वारा की गई एक नियमित ऑडिट के दौरान पहचानी गई थी।
ऑडिट में 2025 और 2026 की रिपोर्टिंग अवधि के बीच “पंजीकृत निवासियों” की संख्या में वृद्धि पर निशाना लगाया गया, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर जन्म दर में गिरावट और जनसंख्या की उम्र बढ़ने का रुझान जारी था। MIC के अधिकारियों ने उल्लेख किया कि उसी अवधि के लिए शहर की वृद्धि दर 0.9% थी, जो राष्ट्रीय स्तर पर 0.4% की गिरावट के साथ तीव्र विरोधाभास में थी।
शहर की प्रतिक्रिया
शहर के अधिकारियों ने गलत कार्य का इनकार किया और कहा कि यह वृद्धि “मौसमी श्रमिकों की अस्थायी आवागमन और शैक्षणिक वर्ष के लिए क्षेत्र में लौट रहे छात्रों” को दर्शाती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नगरपालिका कार्यालय ने शहर में छह महीने से अधिक समय तक निवास बनाए रखने वाले व्यक्तियों को दर्ज करने की कानूनी आवश्यकता के अनुरूप अपने निवासी डेटाबेस को अपडेट किया था।
मेयर के कार्यालय ने कहा कि वह MIC की जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे 2031 के लिए निर्धारित अगली जनगणना चक्र में सुधार किया जाएगा।
राष्ट्रीय संदर्भ
आंकड़ा विभाग की नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जापान की जनसंख्या 12.38 करोड़ तक गिर गई, जो दशक भर की गिरावट की निरंतरता को दर्शाता है। देश की कुल प्रजनन दर 1.34 बच्चे प्रति महिला है, जो 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर से काफी नीचे है। संकुचित और उम्र बढ़ती जनसांख्यिकी ने सरकार को उच्च जन्म दर को प्रोत्साहित करने, प्रवासन को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय पुनर्जीवन कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया है।
सटीक जनगणना आँकड़े केंद्रीय सरकार के फंड आवंटन, बुनियादी ढाँचे की योजना और प्रत्येक प्रान्त के प्रतिनिधि सभा में सीटों की संख्या तय करने के लिए अत्यावश्यक हैं। स्थानीय स्तर पर आँकड़ों का अतिरंजित होना उन सब्सिडी के वितरण को प्रभावित कर सकता है, जो घटती हुई क्षेत्रों के लिए earmarked हैं।
कानूनी ढाँचा और संभावित दण्ड
2005 के सांख्यिकी अधिनियम के तहत नगरपालिका प्राधिकरणों को राष्ट्रीय जनगणना के लिए सटीक जनसंख्या आँकड़े प्रस्तुत करने अनिवार्य हैं। जानबूझकर गलत रिपोर्टिंग पर प्रशासनिक दण्ड, जिसमें पाँच मिलियन येन तक का जुर्माना शामिल है, और गंभीर मामलों में दण्ड संहिता के तहत आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।
MIC के प्रवक्ता हिरोशी तनाका ने कहा कि मंत्रालय “डेटा में किसी भी प्रकार के हेरफेर को गंभीरता से लेता है” और जाँच यह तय करेगी कि शहर की पंजीकरण प्रथाएँ वैधानिक दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं।
विशेषज्ञ टिप्पणी
टोक्यो विश्वविद्यालय के जनसांख्यिकी विशेषज्ञ डॉ. आइको सतो ने बताया कि “स्थानीय सरकारें कभी-कभी निवेश आकर्षित करने और गिरावट के कलंक से बचने के लिए विकास आँकड़ों को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत करने के दबाव का सामना करती हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासनिक त्रुटियाँ हो सकती हैं, परंतु व्यवस्थित रूप से आँकड़ों का अतिरंजित होना राष्ट्रीय स्तर पर नीति नियोजन को कमजोर कर देगा।
जापान इकोनॉमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट के आर्थिक विश्लेषक केंजी मोरी ने जोड़ा कि “गलत रिपोर्टिंग से वित्तीय हस्तांतरण के आवंटन में विकृति आ सकती है, जो पहले से ही वृद्ध समुदायों का समर्थन करने की आवश्यकता से तनावग्रस्त हैं।”
आगे के कदम
MIC ने शहर को 30 नवंबर 2026 तक अपनी पंजीकरण पद्धति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा तय की है। एक अनुवर्ती रिपोर्ट दिसंबर की शुरुआत में अपेक्षित है, जिसके बाद मंत्रालय यह तय करेगा कि सुधारात्मक उपाय लागू किए जाएँ या मामला सार्वजनिक अभियोजक कार्यालय को सौंपा जाए।