न्यूयॉर्क — इज़राइल के प्रधान मंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार, 25 सितंबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया, जबकि एक महत्वपूर्ण संख्या में प्रतिनिधि उनके भाषण से पहले और दौरान कक्ष से बाहर निकल कर विरोध कर रहे थे। यह घटना हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र में कूटनीतिक असहमति की सबसे स्पष्ट प्रदर्शनों में से एक थी, जो मध्य पूर्व में संघर्ष पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय ध्रुवीकरण को रेखांकित करती है।
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मंच संभाला और इज़राइल की सुरक्षा स्थिति के लिए समर्थन जुटाने हेतु एक भाषण दिया। बीबीसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय माध्यमों की रिपोर्टों के अनुसार, प्रधान मंत्री ने इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों को अपने नागरिकों को अस्तित्वगत खतरों से बचाने के लिए आवश्यक उपायों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने यह बल दिया कि इज़राइल आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर समझौता नहीं करेगा, यह रुख उनके सरकार की विदेश नीति का केंद्रीय स्तम्भ रहा है, जब से संघर्ष तीव्र हुआ है।
कूटनीतिक असहमति
भाषण को तुरंत और संगठित विरोध का सामना करना पड़ा, जिसमें कई सदस्य देशों के प्रतिनिधि, विशेषकर वैश्विक दक्षिण और विभिन्न यूरोपीय राष्ट्रों के, ने नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत पर महासभा हॉल से बाहर निकल गए। यह प्रस्थान एक समन्वित विरोध का संकेत था, जिसे आलोचकों ने एकतरफा कथानक के रूप में वर्णित किया, जिसमें नागरिक हताहतों और क्षेत्र में मानवीय संकटों को अनदेखा किया गया। पर्यवेक्षकों ने नोट किया कि इन प्रतिनिधियों के प्रस्थान से सभा में एक स्पष्ट अंतर पैदा हुआ, जो संघर्ष के आसपास की कूटनीतिक दरार का दृश्य प्रतिनिधित्व था।
प्रस्थान के बावजूद, नेतन्याहू ने अपना भाषण जारी रखा और दृढ़ स्वर बनाए रखा। उन्होंने शेष प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि इज़राइल की कार्रवाइयाँ वैध और अनुपातिक हैं। प्रधान मंत्री ने संघर्ष के व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों पर भी प्रकाश डाला, चेतावनी देते हुए कि मध्य पूर्व में अस्थिरता वैश्विक सुरक्षा के लिए दूरगामी परिणाम पैदा कर सकती है। उनके टिप्पणियाँ उन कथानकों का मुकाबला करने के उद्देश्य से थीं, जिन्हें उन्होंने पक्षपात और गलत सूचना से प्रेरित माना।
भाषण का संदर्भ
यह भाषण चल रहे संघर्ष के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया, जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ते हुए शांति समझौते और मानवीय सहायता के लिए था। संयुक्त राष्ट्र महासभा इस संकट पर बहस का केंद्र रही है, जहाँ पिछले महीनों में कई प्रस्ताव और वक्तव्य जारी किए गए हैं। नेतन्याहू का महासभा को सीधे संबोधित करने का निर्णय छोटे कूटनीतिक मंचों को बायपास कर संयुक्त राष्ट्र के पूर्ण सदस्यता के साथ जुड़ने का प्रयास माना गया, ताकि वैश्विक मंच पर इज़राइल की स्थिति को वैधता प्रदान की जा सके।
भाषण पर प्रतिक्रियाएँ मिश्रित थीं। इज़राइल के समर्थकों ने नेतन्याहू की आलोचना के प्रति दृढ़ता की प्रशंसा की, जबकि विरोधियों ने इस भाषण को निरंतर सैन्य आक्रमण का औचित्य माना। प्रतिनिधियों का बहिष्कार अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा व्यापक रूप से कवर किया गया, जहाँ कई आउटलेट्स ने इस विरोध के प्रतीकात्मक स्वरूप को उजागर किया। इस घटना ने मानवीय स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक हस्तक्षेप और अधिक मजबूत प्रतिक्रिया के आह्वान को और तेज कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव, जिन्होंने पहले ही शिथिलीकरण का आह्वान किया था, ने बहिष्कार के बाद तुरंत कोई वक्तव्य जारी नहीं किया। फिर भी, यह घटना आगामी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की चर्चाओं में प्रमुखता से उभरने की उम्मीद है, जहाँ सदस्य राष्ट्र संघर्ष के समाधान के अगले कदमों पर बहस करेंगे। बहिष्कार से उत्पन्न कूटनीतिक परिणाम इज़राइल और उन देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं, जिनके प्रतिनिधि कक्ष छोड़ गए, जिससे भविष्य की वार्ताओं और सहायता प्रयासों में जटिलता आ सकती है।
जैसे-जैसे महासभा सत्र जारी है, ध्यान क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा पर संघर्ष के व्यापक प्रभावों पर बना हुआ है। यह घटना संयुक्त राष्ट्र की उन चुनौतियों की याद दिलाती है, जिनका सामना उसे गहरी जड़ें जमाए भू-राजनीतिक विभाजनों वाले विवादों को मध्यस्थता करते समय करना पड़ता है। विश्लेषकों का सुझाव है कि बहिष्कार अन्य राष्ट्रों को समान कूटनीतिक रुख अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहमति और अधिक विखंडित हो सकती है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Netanyahu defends Israeli military action as delegates walk out before UN speech
- Netanyahu defends Israeli military action as delegates walk out before UN speech – BBC
- UN delegates walk out at Netanyahu defends Israeli military action – africanews.com
- At UN, Netanyahu defends Israel as delegates walk out – Georgia Today