नई दिल्ली — यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI), जिसे नेशनल
नियामक ढांचा और सुरक्षा
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने UPI के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा बनाए रखा है, जिसमें सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल और आवधिक ऑडिट अनिवार्य हैं। PIB तथ्य पत्रक में RBI के प्रमाणीकरण, लेनदेन सीमाएँ और विवाद समाधान पर दिशानिर्देश उल्लिखित हैं। तथ्य पत्रक में संदर्भित NPCI के वार्षिक सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट्स पुष्टि करती हैं कि UPI ने 2025 में 0.02 प्रतिशत धोखाधड़ी अनुपात के साथ कम धोखाधड़ी दर बनाए रखी है।
भविष्य की दृष्टि
आगे देखते हुए, PIB तथ्य पत्रक लेनदेन मात्रा में निरंतर वृद्धि का अनुमान लगाता है, जो डिजिटल वॉलेट्स के विस्तार, ई‑कॉमर्स के उदय और सार्वजनिक परिवहन व उपयोगिता बिलिंग में UPI‑आधारित भुगतान समाधानों के रोलआउट से प्रेरित है। NPCI क्रॉस‑बॉर्डर भुगतानों के लिए भी UPI का पायलट कर रहा है, जिससे भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान पारिस
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- UPI: Transforming India’s Payment Landscape
- UPI Transactions Cost Indian Banks Rs 21,000 Crore Annually – India News Network
- Ayushman Bharat: Transforming India’s healthcare landscape through inclusion, access and i
- Navigating Stamp Duty on Physical Share Transfers in Delhi: Form SH-4 Compliance and Payme