Chennai to Clear 1,671 km of Stormwater Drains Ahead of Monsoon

The city’s mayor announced a 48‑month plan to desilt 1,671 km of drains, but 48 km remain unfinished, raising concerns about flood preparedness.
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चेन्नई — नगर निगम ने 26 सितंबर 2026 को घोषणा की कि वह मानसून के दौरान बाढ़ को कम करने के उद्देश्य से 48-महीने की एक योजना के तहत 1,671 किलोमीटर लंबे तूफानी जल निकासी नालियों की सफाई (डिस्सिल्टिंग) करेगा। यह योजना शहर की बाढ़ प्रबंधन बुनियादी ढांचे में मौजूद स्थायी कमी को उजागर करने वाले एक श्रृंखलाबद्ध रिपोर्टों के बाद लॉन्च की गई है।

डिस्सिल्टिंग अभियान की सीमा

मेयर कार्यालय ने बताया कि डिस्सिल्टिंग उन सभी प्रमुख नालियों को शामिल करेगी जिन्हें जाम या आंशिक रूप से अवरुद्ध माना गया है। 1,671 किलोमीटर की कुल लंबाई में खुले नाले और ढके नाली दोनों शामिल हैं, जो शहर की नदी प्रणाली में प्रवाहित होते हैं। इस परियोजना की शुरुआत अक्टूबर में होने की उम्मीद है और इसे सितंबर 2029 तक पूरा किया जाना है।

अपूर्ण कार्य और बाढ़ का जोखिम

इस पहल के विस्तार के बावजूद, द टाइम्स ऑफ इंडिया और urbanacres.in की स्वतंत्र रिपोर्टों में उल्लेख है कि 48 किलोमीटर लंबी नालियों का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। उत्तरी और पश्चिमी उपनगरों में स्थित ये खंड भारी बारिश के दौरान फ्लैश फ्लडिंग (अचानक बाढ़) के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किए गए हैं। शहर के जल प्रबंधन विभाग ने विलंब के कारण बजटीय प्रतिबंधों और लॉजिस्टिक चुनौतियों को उद्धृत किया है।

वित्तीय और संचालन संबंधी विवरण

यह डिस्सिल्टिंग कार्यक्रम चेन्नई की बाढ़ नियंत्रण बुनियादी ढांचे में 5.2 अरब रुपये के बड़े निवेश का हिस्सा है, जिसकी घोषणा राज्य सरकार ने 2024 में की थी। नगर निगम इस कार्य को निष्पादित करने के लिए इंजीनियरिंग फर्मों के एक समूह (कंसोर्टियम) को अनुबंध देगा, जिसकी बोली की अंतिम तिथि अक्टूबर की शुरुआत में निर्धारित की गई है। अनुबंध में पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों की अवधि के लिए नियमित निरीक्षण और रखरखाव शामिल होगा।

सामुदायिक और विशेषज्ञ प्रतिक्रियाएं

प्रभावित जिलों के स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि अधूरी नालियां बार-बार बाढ़ की ओर ले जा सकती हैं। चेन्नई जल आपूर्ति और निकासी बोर्ड के एक प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड प्रगति की निगरानी करेगा और शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए नगर निगम के साथ समन्वय करेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पूर्व पहल

चेनई ने 2015 और 2019 के मानसून सीज़न के दौरान गंभीर बाढ़ का सामना किया, जब जाम हुए नालों ने व्यापक क्षति पहुँचाई। 2024 के राज्य‑स्तरीय बाढ़ प्रबंधन योजना, जिसमें नालों की सफाई और बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए धन आवंटित किया गया था, को धीमी कार्यान्वयन के लिए आलोचना मिली। वर्तमान 2026 की घोषणा को उसी प्रयास की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

मानसून तैयारी पर प्रभाव

Urbanacres.in ने बताया कि शहर की मानसून तैयारी में अंतर अभी भी महत्वपूर्ण है, जिसमें 48 किमी अधूरे नालों को प्रमुख कमजोरी के रूप में उद्धृत किया गया है। रिपोर्ट में यह ज़ोर दिया गया है कि समय पर पूर्णता न होने पर शहर आने वाले मानसून सीज़न में बढ़ते बाढ़ जोखिम का सामना कर सकता है, जिसमें कई जिलों में 48‑घंटे की अवधि में 200–250 मिमी वर्षा की उम्मीद है।

आधिकारिक बयानों और अगले कदम

महापौर के कार्यालय ने एक बयान जारी किया, जिसमें पुष्टि की गई कि नालों की सफाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, और उन नालों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से बाढ़ का कारण बना है। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि शहर निवासियों को नालों को मलबे से मुक्त रखने के लिए सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाएगा।

निगरानी और जवाबदेही

thecommunemag.com की रिपोर्ट के अनुसार, नगरपालिका निगम अपनी वेबसाइट पर मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रकाशित करेगा। रिपोर्ट में नालों की सफाई की गई दूरी, खर्च किए गए धन और सामना किए गए किसी भी बाधा का विवरण होगा।

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