Mandeep K. Bhandari Named CBSE Chairperson Amid OSM Row

The Ministry of Education has appointed IAS officer Mandeep K. Bhandari as the new chairperson of the Central Board of Secondary Education, following a rapid turnover of the post in the past four months.
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नई दिल्ली — शिक्षा मंत्रालय ने 25 सितंबर 2026 को घोषणा की कि आईएएस अधिकारी मंडीप के. भंडारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष पद संभालेंगे। यह नियुक्ति बोर्ड की ऑनलाइन अतिरिक्त सामग्री (OSM) नीति को लेकर उत्पन्न कई विवादों और पिछले चार महीनों में तीन अध्यक्षों के क्रमागत परिवर्तन के बाद की गई है।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

सीबीएसई, जो 15 लाख से अधिक छात्रों के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का संचालन करता है, को अपनी OSM दिशानिर्देशों को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है। शिक्षकों को अपने पोर्टल पर अतिरिक्त सामग्री अपलोड करने की बोर्ड की अनुमति को कई हितधारकों ने चुनौती दी, जिससे सार्वजनिक जांच और नई नेतृत्व की मांग उत्पन्न हुई। शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार ने मंडीप भंडारी, जो शैक्षिक प्रशासन में अनुभव रखने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, को नियुक्त करने का निर्णय घोषित किया।

मंडीप के. भंडारी का प्रोफ़ाइल

भंडारी ने शिक्षा मंत्रालय और स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। इस नियुक्ति से पहले वे स्कूल शिक्षा विभाग में उप सचिव के रूप में कार्यरत थे। उनका चयन शिक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति की सिफारिश पर

बोर्ड की नीतियों पर प्रभाव

मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में, अधिकारियों ने कहा कि नए अध्यक्ष बोर्ड के नियामक ढांचे को सुदृढ़ करने और राष्ट्रीय शैक्षिक मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि भंडारी ओएसएम नीति की समीक्षा की निगरानी करेंगे और पाठ्यक्रम के अनुरूप डिजिटल संसाधनों को संरेखित करने के लिए सीबीएसई के तकनीकी समिति के साथ कार्य करेंगे।

हितधारकों की प्रतिक्रियाएँ

शिक्षक संघों ने इस नियुक्ति के प्रति सतर्क आशावाद व्यक्त किया। राष्ट्रीय शिक्षक संघ के एक प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड को वर्तमान चुनौतियों को पार करने के लिए प्रशासनिक अनुभव वाले नेता की आवश्यकता है। दूसरी ओर, माता-पिता समूहों ने ओएसएम दिशानिर्देशों में आने वाले परिवर्तनों के बारे में पारदर्शी संवाद की मांग की।

आधिकारिक संदर्भ और कानूनी ढांचा

सीबीएसई शिक्षा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में कार्य करता है और केंद्रीय बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन अधिनियम, 1962 द्वारा शासित है। अध्यक्ष की नियुक्ति मंत्रालय द्वारा सीबीएसई के शासकीय निकाय से परामर्श के बाद की जाती है। नए अध्यक्ष का कार्यकाल चार वर्ष का होगा, जिसे प्रदर्शन और नीति परिणामों के आधार पर नवीनीकृत किया जा सकता है।

भविष्य की दृष्टि

भंडारी की नियुक्ति के साथ, सीबीएसई से अपेक्षा है कि वह अपनी नेतृत्व व्यवस्था को स्थिर करेगा और ओएसएम विवाद का समाधान करेगा। बोर्ड ने पहले ही राज्य शिक्षा विभागों के साथ डिजिटल सामग्री नीतियों को संशोधित करने के लिए परामर्श की एक श्रृंखला निर्धारित की है। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह त्रैमासिक समीक्षाओं के माध्यम से बोर्ड की प्रगति पर करीबी निगरानी रखेगा।

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