नई दिल्ली — शिक्षा मंत्रालय ने 25 सितंबर 2026 को घोषणा की कि आईएएस अधिकारी मंडीप भंडारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नए अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। यह नियुक्ति बोर्ड के ऑनलाइन स्कूल प्रबंधन (OSM) मूल्यांकन ढाँचे पर बढ़ती जांच के बाद आई है, जिस पर शिक्षकों और अभिभावकों दोनों ने आलोचना की थी।
भंडारी, भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, ने पिछले दशक में शिक्षा मंत्रालय में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है। नियुक्ति से पूर्व वे स्कूल शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने देश भर में नीतियों के कार्यान्वयन की देखरेख की। CBSE, जो मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, स्कूलों के पाठ्यक्रम निर्धारण, परीक्षा संचालन और शैक्षणिक मानकों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
OSM मूल्यांकन विवाद की पृष्ठभूमि
OSM मूल्यांकन प्रणाली, जिसे CBSE ने 2024 में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से स्कूलों के आकलन को सरल बनाने के लिये प्रस्तुत किया था, को उसकी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता के लिये आलोचना का सामना करना पड़ा। आलोचकों का तर्क था कि यह प्रणाली स्व-रिपोर्टेड डेटा पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे स्कूल रेटिंग में असंगतियाँ उत्पन्न होती हैं। यह विवाद 2026 की शुरुआत में तीव्र हो गया जब कई स्कूलों ने अपने OSM स्कोर और वास्तविक प्रदर्शन मानकों के बीच विसंगतियों की सूचना दी। मंत्रालय में एक औपचारिक शिकायत दायर की गई, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की पुनः समीक्षा शुरू हुई।
प्रतिक्रिया स्वरूप, CBSE ने मई 2026 में OSM ढाँचे की पुनः मूल्यांकन की घोषणा की। बोर्ड ने डेटा सत्यापन को सुदृढ़ करने और विषयात्मकता को कम करने हेतु संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। हालांकि, इन परिवर्तनों को मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिलीं और बोर्ड की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न बना रहा। नए अध्यक्ष की नियुक्ति को संस्थान में विश्वास बहाल करने के एक कदम के रूप में देखा गया।
नियुक्ति प्रक्रिया और आधिकारिक बयानों
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भंडारी की नियुक्ति प्रशासनिक सुधार पर मंत्रिपरिषद समिति की सिफ़ारिश के बाद की गई। मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय भंडारी के “शैक्षिक प्रशासन और नीति कार्यान्वयन में सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड” के आधार पर लिया गया। यह घोषणा 25 सितंबर 2026 को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की एक वर्चुअल बैठक के दौरान की गई।
मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में यह उल्लेख किया गया कि भंडारी CBSE के अध्यक्ष के रूप में पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर नवीनीकरण की संभावना होगी। मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि नया अध्यक्ष CBSE की कार्यकारी समिति के साथ निकट सहयोग करके पाठ्यक्रम सुधार और परीक्षा प्रोटोकॉल की देखरेख करेंगे।
पक्षकारों की प्रतिक्रियाएँ
शैक्षणिक संगठनों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने भंडारी के नीति कार्यान्वयन में अनुभव का हवाला दिया। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक संक्षिप्त नोट जारी करके विश्वास व्यक्त किया कि नई प्रशासनिक टीम OSM मूल्यांकन से जुड़े चिंताबिंदुओं का समाधान करेगी। नोट में कहा गया है, “अनुभवी आईएएस अधिकारी की नियुक्ति से CBSE के संचालन में प्रशासनिक कठोरता लाने की उम्मीद है।”
हालाँकि, विद्यालय प्रशासकों और अभिभावक समूहों ने बोर्ड से अपने मूल्यांकन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की। भारतीय शिक्षक संघ (AITA) के एक प्रतिनिधि ने कहा कि जबकि यह नियुक्ति एक सकारात्मक कदम है, “असली परीक्षा यह होगी कि नई अध्यक्ष विद्यालयीन मूल्यांकन में न्याय और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सुधारों को कैसे कार्यान्वित करती हैं।”
सरीता चौहान की समानांतर नियुक्ति
उसी घोषणा में, मंत्रालय ने आईएएस अधिकारी सरीता चौहान को विद्यालय शिक्षा विभाग के नए सचिव के रूप में भी नियुक्त किया। चौहान की नियुक्ति को शैक्षणिक शासन को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया गया। मंत्रालय ने इन द्वैध नियुक्तियों को “शिक्षा क्षेत्र में नीति और कार्यान्वयन को समन्वित करने के लिए एक रणनीतिक कदम” के रूप में वर्णित किया।
CBSE के भविष्य के लिए प्रभाव
CBSE के बोर्ड ने भंडारी के नेतृत्व में लागू किए जाने वाले एक श्रृंखला सुधारों का विवरण प्रस्तुत किया है। इनमें OSM मूल्यांकन प्रणाली का व्यापक ऑडिट, तृतीय पक्ष सत्यापन तंत्रों की शुरुआत, और बोर्ड के परीक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शामिल है। बोर्ड के कार्यकारी समिति ने प्रस्तावित परिवर्तनों पर प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए पक्षकारों के साथ एक श्रृंखला परामर्शों का कार्यक्रम तय किया है।
हालाँकि यह नियुक्ति CBSE के लिए एक नया अध्याय है, बोर्ड के नेतृत्व को विद्यालयों और अभिभावकों में विश्वास पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से किए जा रहे सुधारों के कार्यान्वयन के दौरान निगरानी का सामना करना होगा। शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह बोर्ड की प्रगति की निकट निगरानी रखेगा, जिसके लिए 2027 और 2028 में आवधिक समीक्षाओं का आयोजन किया गया है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- IAS officer Mandeep Bhandari appointed chairperson of CBSE
- IAS officer Mandeep Bhandari named new CBSE chairman months after re-evaluation row | Indi
- IAS officer Mandeep K Bhandari appointed new CBSE chairman amid OSM evaluation controversy
- IAS Officers Sarita Chauhan, Mandeep Bhandari Appointed To Key Central Posts – Daily Excel