नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने रविवार, 9 अक्टूबर 2026 को जावा के केंद्रीय भाग में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर सूचीबद्ध प्राम्बनन मंदिर परिसर के भारत समर्थित पुनर्स्थापन कार्य का उद्घाटन किया। यह परियोजना, जिसे भारतीय सरकार ने वित्त पोषित किया है, 9वीं शताब्दी के हिंदू तीर्थस्थल को संरक्षित करने और दोनों राष्ट्रों के बीच साझा सभ्यतागत संबंधों को पुनः पुष्टि करने का लक्ष्य रखती है।
पुनर्स्थापन से गहरी होती सांस्कृतिक साझेदारी का संकेत
इस समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में, एक दशक पुरानी सांस्कृतिक-धरोहर साझेदारी को रेखांकित किया गया, जिसमें संयुक्त शोध, कौशल विनिमय कार्यक्रम और संरक्षण कार्य के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। भारत के संस्कृति मंत्रालय ने पुष्टि की कि 2028 में पूर्ण होने वाली पुनर्स्थापन कार्य में संरचनात्मक स्थिरीकरण, पत्थर-नक्काशी मरम्मत और भूकंपीय गतिविधि से स्थल की रक्षा के लिए आधुनिक निगरानी प्रणालियों की स्थापना शामिल होगी।
स्थल पर भाषण देते हुए मोदी ने कहा कि यह प्रयास “हमारे प्राचीन सभ्यताओं को जोड़ने वाले स्थायी बंधनों और मानवता की विरासत की रक्षा के लिए साझा जिम्मेदारी” को दर्शाता है। राष्ट्रपति
भारत की भागीदारी 2023 में शुरू हुई, जब संस्कृति मंत्रालय ने संरक्षण के अगले चरण को समर्थन देने हेतु ₹1.2 अरब की अनुदान राशि की घोषणा की। यह वित्तपोषण भारत की व्यापक “अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर पहल” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य धरोहर कूटनीति के माध्यम से कूटनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करना है।
कार्यान्वयन और निगरानी
पुनर्स्थापना की देखरेख एक संयुक्त कार्यबल द्वारा की जा रही है, जिसमें भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और इंडोनेशिया के शिक्षा, संस्कृति, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं। ASI के तकनीकी विशेषज्ञ इंडोनेशियाई संरक्षक के साथ मिलकर पारम्परिक पत्थर‑नक्काशी तकनीकों को लागू करेंगे तथा समकालीन संरक्षण प्रौद्योगिकी को एकीकृत करेंगे।
कार्यबल के अनुसार, कार्य तीन प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा: (1) केंद्रीय शिव मंदिर की ऊँची मीनारों को स्थिर करना, (2) हिन्दू महाकाव्यों को दर्शाने वाले जटिल बेस‑रिलिफ पैनलों की सफाई और मरम्मत करना, तथा (3) संरचनात्मक तनाव की प्रारम्भिक चेतावनी हेतु भूकंपीय निगरानी नेटवर्क स्थापित करना।