नई दिल्ली — पाकिस्तान की नौसेना ने 27 सितंबर
भारत की समुद्री-तल युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर इसकी आवश्यकता से प्रेरित है कि वह भारतीय महासागर क्षेत्र में अपने समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। देश ने ब्राह्मोस मिसाइल समेत उन्नत सबमरीन प्लेटफॉर्म और मिसाइल प्रणालियों में निवेश किया है, जिसे सतह पर तैनात जहाजों और सबमरीनों दोनों से लॉन्च किया जा सकता है। हालाँकि, भारतीय नौसेना के आधिकारिक विवरणों के अनुसार, अब तक किसी युद्धात्मक परिदृश्य में सबमरीन से लाइव मिसाइल परीक्षण नहीं किया गया है।
रणनीतिक प्रभाव
पाकिस्तानी नौसेना द्वारा सफलतापूर्वक मिसाइल लॉन्च को देश की समुद्री विरोध (डिटर्रेंस) स्थिति के लिए एक बूस्टर माना जा रहा है। यह अभ्यास नौसेना की क्षमता को प्रदर्शित करता है कि वह डूबी हुई प्लेटफॉर्म से गुप्त कार्रवाइयाँ कर सकती है और लंबी दूरी पर लक्ष्यों पर प्रहार कर सकती है। यह क्षेत्रीय शक्तियों को यह संकेत भी देता है कि पाकिस्तान के पास अपने समुद्री-तल बेड़े से शक्ति प्रोजेक्ट करने की क्षमता है।
भारत द्वारा सबमरीन मिसाइल क्षमताओं का निरंतर विकास भारतीय महासागर में एक विश्वसनीय विरोध (डिटर्रेंस) बनाए रखने की उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। देश के नौसेना नियोजकों का प्रयास यह सुनिश्चित करने की दिशा में है कि उनकी सबमरीन सटीकता और विश्वसनीयता के साथ मिसाइल लॉन्च कर सकें, जिससे समुद्री खतरों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि होगी।
दोनों देश अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून और संयुक्त राष्ट्र महासागर कानून संधि (UNCLOS) के ढाँचे के भीतर कार्यरत हैं। ये अभ्यास राष्ट्रीय रक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप किए जा रहे हैं और इनका उद्देश्य किसी भी प्रकार का संघर्ष भड़काना नहीं है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Pak’s new Chinese Hangor submarine test-fires missile, India’s sub plans still hang fire
- PM praises Pak Navy on successful first live weapon test of PNS/M Hangor submarine – | Ass
- Pakistan Navy’s Hangor-class submarine conducts maiden live weapon firing: ISPR – Dunya Ne
- Pakistan Navy tests submarine combat capability with successful cruise missile strike – 24