ट्रंप ने हर्मुज़ रोडमैप को अस्वीकार किया, ईरानी मंत्री ने बातचीत की अपील की

वॉशिंगटन — ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि केवल बातचीत ही इस संघर्ष को समाप्त कर सकती है, तब भी जब राष्ट्रपति ट्रंप ने हर्मुज़ की खाड़ी को फिर से खोलने के लिए सात दिवसीय योजना को अस्वीकार कर दिया हो।
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वॉशिंगटन — ईरान के विदेश मंत्री हौसेन अमीरअब्दुल्लाहियान ने रविवार को कहा कि केवल वार्ता-समाधान ही डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हर्मुज़ की खाड़ी के माध्यम से जहाजों की यात्रा को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रस्तावित सात-दिन के रोडमैप को अस्वीकार करने के बाद उत्पन्न हुए इस अडचल को समाप्त कर सकता है। यह अस्वीकृति 26 सितंबर 2026 को हुई, जब अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के उस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने और खाड़ी को फिर से खोलने की बात की गई थी। यह कदम मध्य पूर्व में तनाव को कम करने और वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर करने में सहायक हो सकता था।

ट्रंप ने ईरान के रोडमैप को अस्वीकार किया

26 सितंबर को, सफेद भवन ने एक बयान जारी करके कहा कि वह ईरान के सात-दिन के योजना को स्वीकार नहीं करेगा, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंधों की समाप्ति, कूटनीतिक वार्ताओं के पुनरारंभ और हर्मुज़ की खाड़ी के पुनर्खुलने की मांग की गई थी। यह योजना अगस्त के अंत में अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों द्वारा तैयार की गई थी और इसका उद्देश्य उस चल रही संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक ढांचा प्रदान करना था, जिसमें क्षेत्र में ईरानी बलों और अमेरिकी सहयोगियों के बीच समय-समय पर टकराव देखने को मिले हैं।

अमेरिकी निर्णय की नींव उन चिंताओं पर थी कि रोडमैप में प्रमुख सुरक्षा मुद्दों, जिनमें खाड़ी में अमेरिकी सैनिकों की स्थिति और जहाजों की यात्रा मार्गों की सुरक्षा शामिल है, का उल्लेख नहीं किया गया है। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि अमेरिका व्यापक समझौते तक ईरान पर प्रतिबंधों का पालन जारी रखेगा।

ईरानी मंत्री ने वार्ताओं की अपील की

एक टेलीविज़न पर दिए गए भाषण में, अमीरअब्दुल्लाहियान ने कहा कि संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र तरीका सीधी बातचीत है। उन्होंने जोड़ा कि ईरान संवाद के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका को भी वार्ता करने की इच्छा दिखाई चाहिए। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर्मुज़ की खाड़ी, जिसके माध्यम से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अमीरअब्दुल्लाहियान की टिप्पणियां अमेरिकी अस्वीकृति के बाद आईं, जिसे तनाव कम करने के एक कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीतिक मार्गों का पालन जारी रखेगा और देश को सैन्य उपायों का सहारा लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

हर्मुज़ की रणनीतिक महत्व

हर्मुज़ की खाड़ी एक संकरा जलमार्ग है जो फारसी खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह तेल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा है, और इसमें किसी भी बाधा वैश्विक तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि का कारण बन सकती है। अमेरिका ने क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखी है।

इरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में जलडमरूमध्य को बंद करने की बार-बार धमकी दी है। 2026 की रोडमैप का उद्देश्य प्रतिबंधों को हटाने और जहाजों की यात्रा को पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करके ऐसे बंद होने को रोकना था। अमेरिका द्वारा इस योजना के अस्वीकार ने जहाजों की यात्रा करने वाली कंपनियों और ऊर्जा व्यापारियों में संभावित बाधाओं के बारे में चिंता को बढ़ा दिया है।

वैश्विक प्रतिक्रियाएं

यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि अमेरिकी निर्णय क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर सकता है। यूरोपीय आयोग ने कहा कि वह स्थिति का सावधानी से निरीक्षण करेगा और कूटनीतिक प्रयासों के लिए खुला रहेगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी रुख के प्रभावों पर चर्चा करने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई।

चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके दोनों पक्षों से संयम बरतने और रचनात्मक संवाद में शामिल होने की अपील की। बयान में वैश्विक व्यापार के लिए खुले जहाजों के मार्गों को बनाए रखने की महत्वपूर्णता पर जोर दिया गया।

तेल बाजारों पर प्रभाव

तेल व्यापारियों ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रेंट क्रूड की कीमतों में एक छोटी सी वृद्धि दर्ज की, जो प्रारंभिक एशियाई कारोबारी सत्र में 1.2 प्रतिशत बढ़कर प्रति बैरल 82.50 डॉलर हो गई। विश्लेषकों ने उल्लेख किया कि बाजार ने पहले ही जलडमरूमध्य में अस्थायी बाधा की संभावना को मूल्य निर्धारण में शामिल कर लिया था, लेकिन अमेरिका द्वारा रोडमैप के अस्वीकार ने अनिश्चितता को बढ़ा दिया।

ऊर्जा विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि हर्मुज की किसी भी दीर्घकालिक बंदगी कीमतों को प्रति बैरल 90 डॉलर से ऊपर धकेल सकती है, जिससे विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ेगा। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने एक संक्षिप्त बयान जारी करते हुए उल्लेख किया कि वर्तमान आपूर्ति श्रृंखला अभी भी लचीली है, लेकिन अचानक आपूर्ति झटके का जोखिम बना हुआ है।

भविष्य की संभावनाएं

अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि इरान कूटनीतिक समाधान खोजने की कोशिश जारी रखेगा और देश को सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह एक व्यापक समझौते तक प्रतिबंधों को बनाए रखेगा। बातचीत की अगली चरण अक्टूबर की शुरुआत में जेनेवा में निर्धारित है, जहां दोनों पक्ष सामान्य आधार खोजने का प्रयास करेंगे।

स्थिति अभी भी प्रवाहमान है, और विश्लेषकों का अनुमान है कि वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय खिलाड़ी कूटनीतिक प्रक्रिया का सावधानी से निरीक्षण करेंगे। आगामी बातचीत का परिणाम अमेरिका-इरान संबंधों की दिशा और हर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता को अगले कुछ महीनों तक आकार दे सकता है।

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