नई दिल्ली — प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) ने 25 सितंबर 2026 को पोर्टफ़ोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के नियमों में व्यापक पुनर्रचना को मंजूरी दी, जिससे घरेलू एवं विदेशी पोर्टफ़ोलियो प्रबंधकों के लिए निवेश के अवसर विस्तृत होते हैं। संशोधित ढाँचा एक नया निपटान तंत्र भी प्रस्तुत करता है जिसका उद्देश्य डेरिवेटिव्स बाजार में दक्षता को बढ़ाना है।
PMS नियमों में प्रमुख परिवर्तन
नए नियमों के तहत, पोर्टफ़ोलियो प्रबंधकों को अब अधिक विस्तृत उपकरणों में निवेश करने की अनुमति है, जिसमें गैर‑कृषि डेरिवेटिव्स और वस्तु डेरिवेटिव्स शामिल हैं। ये परिवर्तन विशेष रूप से विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों (FPIs) को इन बाजारों में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं, जो पहले की प्रतिबंधों से अलग है, जहाँ FPI की एक्सपोज़र केवल सीमित प्रतिभूतियों तक सीमित थी।
SEBI का यह निर्णय मौजूदा PMS ढाँचे की समीक्षा के बाद आया, जो 2014 से लागू था। बोर्ड ने भारत के एसेट‑मैनेजमेंट सेक्टर को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप रखने की आवश्यकता पर बल दिया। अद्यतन नियम PMS के लिए कड़ी
नियामक संदर्भ
SEBI की नवीनतम परिपत्र बाजार अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जारी की गई नियामक अद्यतनों की एक श्रृंखला का अनुसरण करती है। इस वर्ष की शुरुआत में, बोर्ड ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निपटान प्रणाली में सुधार की घोषणा की थी, और नई PMS नियम भारत के वित्तीय बाजार ढांचे को आधुनिक बनाने के समन्वित प्रयास का हिस्सा हैं।
SEBI द्वारा जारी एक बयान में, बोर्ड ने बताया कि ये परिवर्तन “बाजार दक्षता को बढ़ाएंगे और पोर्टफोलियो प्रबंधकों को पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए अधिक लचीलापन प्रदान करेंगे।” बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि नया निपटान ढांचा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा।
उद्योग की प्रतिक्रिया
उद्योग विश्लेषकों ने पो
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- SEBI approves overhaul of portfolio manager rules, new settlement framework
- Sebi Approves Overhaul Of PMS Rules; Widens Investment Avenues For Portfolio Managers – ET
- Sebi revamps PMS rules, allows FPIs in non-agri derivatives – The New Indian Express
- SEBI overhauls PMS rules, widens FPI access to commodity derivatives – Moneycontrol.com